सीएम शिवराज नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें.. शिव सिंह

जनता की नहीं  रेवेन्यू की चिंता है तो विधायक घरों में बेचे शराब

कलयुग की कलम 

 रीवा 7 जून 2020.. जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार गिराकर सत्ता हथियाने की व्यस्तता का परिणाम है कि मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी ने व्यापक स्तर पर जन्म लिया आज समूचा प्रदेश कोरोना महामारी के प्रकोप से जूझ रहा है महामारी रोकने स्वास्थ्य व्यवस्था में लगे चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए पीपी किट एवं अन्य स्वास्थ्य सामग्री तक सरकार मुहैया नहीं करा सकी जिसके चलते चिकित्सक स्वास्थ्य एवं सफाई कर्मी तथा पुलिस के अधिकारी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं  जिसका परिणाम है कि कई  लोग सेवाएं देते देते दुनिया से ही अलविदा हो गए आयुष काढ़ा एवं  मास्क वितरण की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई जहां आयुष काढ़ा दुकानों में बिक रहा है वही मास्क के नाम पर प्रदेश सरकार गोरखधंधा चला रही है दुकानों में कालाबाजारी कर 10 रुपए के मास्क की कीमत 50 रुपए ली जा रही है वही इस महामारी में प्रदेश की जनता आर्थिक तंगी से जूझ रही है उन्हें एक वक्त की रोटी तक नसीब नहीं है प्रदेशवासियों से पुलिस के बल पर मास्क के नाम पर रोजाना करोड़ों वसूले जा रहे हैं नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है  सरकार ट्रांसफर उद्योग खोलकर कलेक्टर एसपी बदलकर जिलों को बेच रही है सूत्रों मुताबिक संपूर्ण लॉकडाउन दौरान पुलिस एवं जिला प्रशासन के संरक्षण में शराब गांजा कोरेक्स एवं अन्य नशीले कारोबार त्वरित गति से चलते रहे जो आज भी निरंतर चल रहे हैं हॉस्पिटलों में ओपीडी बंद होने से प्रदेश स्तर पर कोरोना से ज्यादा मौतें कैंसर दमा टीवी पैरालाइसिस हार्टअटैक बुखार दुर्घटना व अन्य बीमारियों से हो रही है ऐसे मैं भी मुख्यमंत्री एवं विधायक  कोरोना महामारी एवं प्रदेश की बदहाल व्यवस्था को लेकर चिंतित नहीं हैं  उन्हें सिर्फ रेवेन्यू की चिंता है यदि सरकार के लिए इंसान से बढ़कर शराब ही हैं तो सभी विधायक अपने अपने घरों से शराब बिक्री कराएं इसी तरह किसानों के खून पसीने से पैदा किया गया लाखो टन गेहूं धान खरीदी केंद्रों में बिना सुरक्षा इंतजाम के खुले स्थान में रखे रखे बारिश के चलते जलमग्न  होकर  सड गया सरकार धान गेहूं को सुरक्षित नहीं  कर सकी उधर कोरोना महामारी आपदा के नाम पर गरीबों के लिए आवंटित हजारों टन गेंहू चावल सीधे सहकारी समितियों से मिल मालिकों एवं दुकानदारों को बेच दिया गया 75 फ़ीसदी पात्र पीड़ितों को राहत नसीब नहीं हुई जबकि दस्तावेज में वितरण दिखा दिया गया इसी तरह प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों की प्याज गन्ना सब्जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई लेकिन सरकार ने कोई राहत प्रदान नहीं की प्रवासी मजदूरों को रोजगार के नाम पर ठगा जा रहा है उनको दैनिक मजदूरी मिल सके ऐसे कोई भी इंतजाम सरकार के पास नहीं है आज मध्यमवर्गीय  परिवारों की कमर आर्थिक तंगी के चलते टूट चुकी है उनके पास आय के कोई स्रोत नहीं है इसी तरह  छोटे व्यवसाय करने वाले  परिवारों के पास रोटी का संकट है सरकार के पास उनके लिए कोई योजनाएं नहीं हैं इसी तरह स्कूल कॉलेज कोचिंग सेंटर महामारी के चलते लगातार बंद है स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से फीस वसूली हेतु दबाव बना रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री छात्रों के भविष्य एवं अभिभावकों की परेशानी से तनिक भी चिंतित नहीं हैं प्रदेश के हालात चिंताजनक है अभी तक में एक भी बार ज्वलंत समस्याओं को लेकर सरकार ने अहम बैठक नहीं बुलाई सरकार पूरी तरह से निरंकुश तानाशाह एवं अक्षम हो चुकी है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सरकार चलाने में पूरी तरह से फेल हो चुके हैं ऐसे में उन्हें नैतिकता के आधार पर तत्काल  मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए 

                 
           शिव सिंह एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्युलर मध्य प्रदेश
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