शासकीय शिक्षक शासन से ऊपर, घरों में चला रहे कोचिंग क्लास

कलयुग की कलम/योगेश योगी / सतना

देश भर में कोरोना ने जँहा अपने पैर पसार का जन और धन की हानि की। वहीँ कुछ लोगों के लिए यह अवैध पैसा कमाने का जरिया भी बन गया। लोग सोसल डिस्टेंस को भूलकर अपने अपने घर भरने में लग गए। ऐसा ही वाक्या नागौद तहसील में देखने को मिला जँहा एकतरफ तो सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक देश का भविष्य बनाने की बात करते है वही शिक्षक कोरोना के खतरे से भयमुक्त होकर बच्चों की जिंदगी खतरे में डालकर कोचिंग सेंटर चला रहे हैं। हालाँकि यह नियमों की अवहेलना है लेकिन पैसों की चाह इंसान को स्वार्थी बना देती है। तभी तो मोटी तनख्वाह पाने वाले शिक्षकों को कुछ कमी सी लग रही है और वो इस कमी की भरपाई कोचिंग सेंटर चला कर कर रहे हैं, जँहा न तो सोसल डिस्टेंसिंग हैं, न ही मास्क और न ही सेनेटाइजर, वँहा कुछ है तो सिर्फ और सिर्फ कोरोना का खतरा।


Share To:

Post A Comment: