कोटेदारी में भ्रष्टाचार का बोलबाला, गरीबों का छिनता निवाला

       K K K न्यूज रिपोर्टर
                 नैनी
         सुभाष चंद्र पटेल

एक बार राशन देकर दो बार की इंट्री।

राशन कार्ड पोर्टबिलिटी पर भी कोटेदारों का मनमाना रुख। 

नोडल अफसर घर मे तो निगरानी कैसे?

 प्रयागराज नैनी सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद कोटेदार अपनी दबंगई से बाज नही आ रहे हैं व राशन कार्ड पोर्टबिलिटी एवं शासनादेशों की धज्जियां उड़ाकर गरीबों के हक पर डाका डालने में मशगूल हैं।

जानकारी के अनुसार सरकार ने लॉक डाउन के दौरान प्रत्येक मजदूर व परिवार तक राशन पहुंचाने को कमर कस रखी है परन्तु उसके सारे प्रयास दबंग कोटेदारों के आगे ध्वस्त नजर आ रहे हैं।

बता दें कि प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में पीडीए कालोनी व काशीराम आवास आदि के कोटेदार के दुकानों पर अधिकृत नोडल अफसर ड्यूटी पर आने के बजाय अपने घरों में बैठे रहते हैं वही कोटेदार कुछ लोगों को मात्र 01 बार राशन देकर उसकी 02 बार इंट्री करते हैं जबकि अंगूठे के खेल में भी बहुत सारे लोग राशन से वंचित हो जाते हैं। मीडिया से बातचीत में कई कोटेदारों ने स्वीकार किया कि लॉक डाउन में प्रति माह 02 बार राशन देने की व्यवस्था बनी है परन्तु व्यवहारिक रूप में केवल 01 बार राशन देकर 02 बार की एंट्री दर्ज की जा रही है। उधर सप्लाई इंस्पेक्टर ने भी स्वीकार किया है कि महीने में 02 बार राशन वितरण की व्यवस्था है। 

यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर सरकार व उच्च अधिकारियों की ऐसी क्या मजबूरी है कि वे इन दबंग कोटेदारों के आगे नतमस्तक हैं? हालात तो इतने बदतर हैं कि कल फोन पर समय देने के बावजूद सप्लाई इंस्पेक्टर ने आज पीडीए कालोनी के कोटेदार की दुकान के राशन वितरण चेक तक नही किया व न ही डीएसओ ने कोई कार्यवाही की अलबत्ता सप्लाई इंस्पेक्टर ने गोपनीय शिकायत व मीडिया रिपोर्ट्स को भी कोटेदार को बताकर शिकायतकर्ताओं व मीडिया पर दबाव बनाने का प्रयास जरूर किया है। स्थानीय लोगों में दबंग कोटेदारों के विरुद्ध भारी आक्रोश व्याप्त है।

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