अगर बच्चों की शिक्षा को लेकर सही योजना नहीं बनी तो बच्चों का भविष्य खतरे में है

     स्कूलों और निजी प्राइवेट शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अभिभावको से टयूशन फ़ीस मागी जा रही है।

, जिससे अभिभावक परेशान हो रहे हैं. पिछले दिनो माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चोहान जी द्वारा स्कूल के अभिभावको को राहत देते हुए सिर्फ़ टयूशन फ़ीस का भुगतान किये जाने को कहा गया था. 

पर टयूशन फ़ीस पूरी फ़ीस का करीब 80% होता है.। 

जिससे अभिभावको को किसी राहत का अनुभव नहीं हो रहा है।

              विदित हो, कि स्कूल अप्रैल, मई, जून मे बन्द है, उसके बावजूद भी स्कूल द्वारा टयूशन फ़ीस के लिये लगातार संदेश अभिभावको को भेजे जा रहे हैं‌।, जिससे अभिभावक आर्थिक परेशानी के साथ साथ मानसिक परेशानी भी महसूस कर रहे हैं। इस कोरोना काल मे पिछले कुछ महीनो से अभिभावको की आजीविका स्रोत भी बंद हो चुके हैं।

स्कूलों की फ़ीस देने मे असमर्थ हैं. 

दूसरी तरफ स्कूलों में गर्मियो की छुट्टियो मे भी बच्चों को जबरदस्ती आन लाईन पढाया जा रहा है।

जिससे बच्चों को लगातार मोबाइल का उपयोग करना होता है।

बहुत से परिवार ऐसे हैं जो आर्थिक रूप मैं कमजोर हैं जिनके पास एंड्रॉयड फोन भी उपलब्ध नहीं है।

और जिनके बच्चे एक से अधिक हैं उन्हें तो और भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि मोबाइल एक है और बच्चे एक से ज्यादा फिर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ज्यादा मोबाइल उपयोग करने की वजह से  उनकी आंखों और स्वास्थ्य मे बुरा प्रभाव भी पडता है।

कुछ अभिभावक अपने फोन लेकर काम के लिए बाहर चले जाते हैं. जिससे अधिकाश बच्चों को फोन नहीं मिल पाता 

वो पढ भी नहीं पाते हैं. इस तरह से कइ बच्चे पढाई मे पीछे भी हो रहे हैं।.

और school खुलने पर उन्हे परेशानी होगी. इसलिए निवेदन है, आन लाईन पढाई वर्तमान समय मे बन्द कराई जाये.

या सभी बच्चों को मोबाइल उपलब्ध कराया जाए चाहे उसमें शिक्षा से संबंधित ही कोई ऐप उपलब्ध करा दिया जाए जिससे मोबाइल फोन खाली पढ़ाई के लिए ही उपयोग किया जा सके 

कृपया इस कठिन समय मे गरीब परिवारों मध्यमवर्गीयों को राहत देते हुए बन्द स्कूल की उपरोक्त तीन माह की फ़ीस माफ़ कराई जाये. और आन लाईन पढाई भी बन्द कराई जाये. जिससे परेशान परिवारो को राहत मिल सके. और अभिभावक आर्थिक और मानसिक पीडा से बच सके. 

मेरा यह लेख शासन प्रशासन के लिए खास तौर से है और आमजन इस लेख को पढ़कर अपनी मांग सुनिश्चित करें और बच्चों के भविष्य के बारे में अपनी अपनी चिंता व्यक्त करें धन्यवाद जय हिंद 

            ‌लेखक
   अब्दुल कादिर खान 
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