“कोरोना फ़्रंट लाइन वॉरियर्स को सुरक्षित रखने के साथ जनता की सुरक्षा सर्वप्रथम “

“केंद्र सरकार एंव शिवराज सरकार की बड़ी लापरवाही से कोरोना संक्रमण फैल रहा”

“कोरोना वॉरियर्स की मृत्यु पर पचास लाख की घोषणा लेकिन वारियर्स का जीवन बचाने के लिए नियमित 15 दिन में कोरोना जॉंच की योजना ही नहीं”

“शिवराज सरकार जवाब दे कितने ज़िला कलेक्टर एसडीएम ,तहसीलदार,एसपी ,थाना प्रभारी एंव इन सभी के फ़ील्ड स्टॉप का कोरोना जॉंच आज तक क्यों नहीं की”

“जबकि फ़्रंट लाइन वॉरियर्स के लिए अतिआवश्यक नियम जॉंच के लिए बनाना था”

कलयुग की कलम न्यूज 

इन्दौर,वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Covid-19) ने पूरी दुनिया को चपेट में ले रखा है। दुनिया भर में इस वायरस से संक्रमित होने वालों और जान गंवाने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। भारत समेत तमाम देशों में लोग लॉकडाउन के दौरान घरों में सुरक्षित हैं। वहीं कोरोना के फ्रंट लाइन वारियर्स हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इस वायरस से लड़ रहे हैं। कुछ ने तो अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इस युद्ध में जान तक न्योछावर कर दी है।

“संकट के दौरान आईएस ,आईपीएस डॉक्‍टरों, नर्सों, पुलिसकर्मियों, मीडिया, डिलीवरी कर्मियों, बैंक कर्मचारियों और  ज़िला प्रशासन के अधिकारी एंव कर्मचारियों,नगरनिगम के अधिकारी एंव कर्मचारियों एंव पुलिस प्रशासन के समस्त अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर पूरे देश की सुरक्षा की है।इसलिए इन सभी की हिफ़ाज़त करना हम सब का नैतिक दायित्व हैं।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पत्र लिखकर मॉंग की हैं की मध्यप्रदेश के समस्त फ़्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स के जीवन की रक्षा एंव जनता की सुरक्षा हेतु कोरोना जॉंच पॉलिसी अतिआवश्यक  नियमों के अन्तर्गत निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर तत्काल लागू की जाये:-

(1) यह की फ़्रंट लाइन कोरोना

वॉरियर्स के लिए कोरोना जॉंच कराना आवश्यक किया जाये।

(2) यह की जनता के सम्पर्क में आने वाले सभी ज़िला प्रशासन,नगरनिगम,मेडिकल स्टॉफ एंव पुलिस प्रशासन के समस्त अफ़सरों एंव फील्ड स्टॉफ की प्रतिमाह 15 दिन में एक बार कोरोना टेस्ट करके इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाय।

(3) यह की तीन माह में देखा गया हैं की फ़्रंट लाइन में कार्य कर रहे अफ़सर और कर्मचारी कोरोना टेस्ट नहीं करा रहे हैं जबकि सबसे ज़्यादा सम्पर्क में आम जनता से यही हैं।इससे इन वॉरियर्स की ज़िंदगी को भी ख़तरा हैं एंव आम जनता भी प्रभावित कोरोना संक्रमण से होने की पूर्ण संभावना हैं।अंत: फ़्रंट लाइन में कार्य कर रहे कोरोना वॉरियर्स के लिए फ़ील्ड में काम करने के पूर्व कोरोना जॉंच कराना आवश्यक घोषित किया जाये।

(4) यह की अगर अधिकारी एंव कर्मचारी आवश्यक रूप से जॉंच न कराये तो पब्लिक फ़ील्ड में पदस्थ न किया जाये।जिससे ऐसे अधिकारी और कर्मचारी भी सुरक्षित रहे तथा जनता भी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहे।

(5) यह की सरकार आवश्यक रूप से सभी फ़्रंट लाइन वॉरियर्स की कोरोना जॉंच सुनिश्चित करने के बाद ही जनता के सम्पर्क में कार्य करने की अनुमति दे।

(6) उपचुनाव में जनसंपर्क करने वाले नेताओं एंव कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रति 15 दिन में कोरोना संक्रमण की जॉंच कराना आवश्यक घोषित करे।बिना कोरोना जॉंच के प्रमाणपत्र के बिना सार्वजनिक जनसंपर्क करने की अनुमति किसी को भी न दी जाये।इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये।

म.प्र. में कोरोना संक्रमण का अनेक ऐसे इलाक़ों तक संक्रमण फैलना यह दर्शाता हैं की सरकार से बड़ी चूक हो गई हैं फ़्रंट लाइन वॉरियर्स की सुरक्षा एंव जनता की सुरक्षा को लेकर।पिछले तीन माह से लाखो कर्मचारी एंव अधिकारी ज़िला प्रशासन,नगरनिगम,हेल्थ विभाग,पुलिस विभाग,बिजली विभाग,विभिन्न शासकीय ऑफिस,एंव अन्य सभी शासकीय कर्मचारी जो अपनी सेवाएँ कोरोना वॉरियर्स बनकर कर रहे हैं।इनमें किसी की भी नियमित 15 दिन में कोरोना की जॉंच नहीं करायी गयी हैं न ही शिवराज सरकार ने कोरोना महामारी की गंभीरता को समझते हुए यह नियम भी लागू नहीं किया की सभी अधिकारियों एंव कर्मचारियों की कोरोना जॉंच नेगेटिव आने के बाद ही जनता के मध्य कार्य करे।

सबसे बड़ी चूक शिवराज सरकार ने की हैं जिसकी वजह से आज कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा हैं।इन फ़्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स का जीवन भी ख़तरे में हैं तथा जनता भी लगातार बढ़ते संक्रमण से प्रभावित हो रही हैं।

शिवराज सरकार जवाब दे की आज तक कितने ज़िला कलेक्टर से संबंधित अधिकारी स्टॉफ ,नगर निगम ,पुलिस ,बैंक ,शासकीय कार्यालयों के कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट क्यों नहीं कराया गया।संभवत प्रशासन के यही ज़िम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कोरोना संक्रमण फैला रहे हो क्योंकि बहुत से कोरोना पॉज़िटिव में लक्ष्मी होते हैं लेकिन जो उनके संपर्क में आयेगा वो कोरोना पॉज़िटिव हो जाएगा ।इसलिए यह अतिआवश्यक हैं की पब्लिक के मध्य कार्य करने वाले प्रत्येक शासकीय व्यक्ति का कोरोना जॉंच प्रतिमाह 15 दिन में कराना आवश्यक घोषित किया जाये जो इस नियम का पालन न करे तो महामारी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया जाये।

इस हेतु चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इन्डिया के साथ ही पीएम को भी पत्र लिखा गया हैं की तत्काल जनहित में यह नियम लागू किया जाये।जिससे प्रथम स्टेज पर कोरोना पॉज़िटिव पाये जाने पर सही समय इलाज हो सकेगा।शिवर सरकार ने कोरोना वॉरियर्स की मृत्यु होने पर पचास लाख देने की घोषणा की लेकिन इन वॉरियर्स की जीवन बचाने के लिए 15 दिन में नियमित जॉंच का नियम नहीं बनाया।


राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल

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