सिलौड़ी सहित समस्त ढीमरखेड़ा तहसील में शासकीय भूखंडों पर जमकर हो रहे अवैध कब्जे, प्रशासन मौन

मवेशियों के ख़िरका का रास्ता बंद

कलयुग की कलम रिपोर्टर सोनू त्रिपाठी कटनी

सिलौंड़ी:-शासकीय भूखंडों पर अतिक्रमणकारी जमकर अतिक्रमण करने पर आमादा है जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र अंतर्गत जितने भी शासकीय भूखंड है सब के सब अधिक्रमित होते जा रहे हैं लेकिन प्रशासन है कि आंखें मूंदे हुए हैं।

हाल ही में नेगई प्रकरण के बाद एक और मामला प्रकाश में आया है जब कतिपय तत्वों द्वारा चरनोई की भी जमीन को अतिक्रमण करके बाड़ी लगा दी गई है।

सिलौंड़ी,नेगई और अतरसुमा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि मवेशी चराने हेतु वे जिस रास्ते से होकर गुजरते थे वह सरकारी रास्ता था लेकिन हाल ही में कतिपय तत्वों द्वारा उसमें बड़ी लगा दी गई है जिससे उनका मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

चरवाहों को आजीविका संकट

मवेशियों की देखरेख कर अपना जीवन यापन करने वाले सरल स्वभाव के चरवाहे चरनोई की जमीन अतिक्रमण किए जाने से व अन्य चरनोई की जमीन ना होने से ठगे से महसूस कर रहे हैं जबकि उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

पशुपालकों ने भी जताई चिंता

अतिक्रमणकारियों द्वारा शासकीय जमीन पर बाड़ी लगाने से पशुपालक भी चिंतित हैं कि उनके मवेशी आखिर चरने कहाँ जाएंगे।उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि शीघ्र अति शीघ्र अतिक्रमण को हटाया जाए ताकि चरनोई की जमीन का उपयोग मवेशियों के लिए हो सके।

ग्रामीणों में आक्रोश

जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने से आक्रोशित स्थानीय जनों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र अति शीघ्र कब्जी को हटाया जाए ताकि कोई अप्रिय स्थिति ना बने।

बाहरी व्यक्ति ने किया कब्ज़ा-

सबसे चिंतनीय और आश्चर्यजनक विषय है कि चमोली की जमीन पर ऐसे व्यक्ति ने कब्जा कर रखा है जिसका यहां से कोई लेना देना नहीं रहा है जो यहां का स्थाई निवासी नहीं रहा है विगत कुछ वर्षों में अनजान जगह से आकर यहां बसने वाला व्यक्ति शासकीय जमीन पर कब्जा कर लेता है और प्रशासन को खबर तक नहीं लगती यह संदेह का विषय है साथ ही चिंतनीय भी है।

मवेशियों के अस्तित्व पर भी संकट-

चरनोई की जमीन खत्म हो जाने से स्थानीय पशुपालकों के मवेशियों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो जाएगा जिनके लिए चारे की आपूर्ति व ख़िरका की व्यवस्था प्रभावित होगी।

प्रशासन कड़ी कार्यवाही करें नहीं तो आंदोलन होगा-

अतिक्रमण की बढ़ती घटनाओं से चिंतित स्थानीय जागरूकजन,पशुपालक और मवेशियों के लिए चरनोई की जमीन खत्म होने से चिंतित यादव समाज के लोगों ने प्रशासन को चेताया है कि शीघ्र अति शीघ्र कार्रवाई करें अन्यथा जन आंदोलन किया जाएगा।


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